जकार्ता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे पीएम मोदी ने रमजान में यहां की सबसे बड़ी इस्तिकलाल मस्जिद का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ राष्ट्रपति जोको विडोडो भी थे। पीएम ने यहां मस्जिद का दौरा किया और काफी वक्त गुजारा।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के साथ जकार्ता में हो रही पतंग प्रदर्शनी में पहुंचे। यहां उन्होंने राष्ट्रपति के साथ पतंग भी उड़ाई।

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15 एमओयू पर हुए हस्ताक्षर

बुधवार को उन्होंने राष्ट्रपति जोको विडोडो के साथ वार्ता की जिसमें दोनों देशों के बीच 15 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। वार्ता के बाद जारी साझा बयान में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और आसियान पार्टनरशिप इतनी शक्तिशाली है कि वो ना सिर्फ इंडो-पेसिफिक रिजन में शांति की गारंटी बन सकता है और उससे भी ज्यादा।

इस दौरान पीएम मोदी ने इंडोनेशिया में हुए आतंकी हमले की निंदा भी की और कहा कि इंडोनेशिया में हुए आतंकी हमले में निर्दोष नागरिकों के मारे जाने का हमें गहरा दुख है। भारत इस प्रकार के हमलों की कड़ी निंदा करता है और इस मुश्किल घड़ी में भारत इंडोनेशिया के साथ मजबूती के साथ खड़ा है।

साथ ही उन्होंने कहा कि इंडो-पेसिफिक रिजन के विकास के लिए भारत और इंडोनेशिया साझा विजन पर सहमत हुए हैं। भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और सागर विजन (सिक्युरिटी एंड ग्रोथ फॉर आल इन रिजन) राष्ट्रपति जिडोडो की मेरीटाइम फलक्रम पॉलिसी से मैच करते हैं।

इससे पहले पीएम ने जकार्ता में कालीबाटा नेशनल हीरो सीमेट्री जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति भवन इस्ताना मर्डेका पहुंचे, जहां राष्ट्रपति जोको विडोडो ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति भवन में पीएम मोदी को रेड कार्पेट वेलकम और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद दोनों के बीच वार्ता हुई।

पीएम मोदी आज राजधानी जकार्ता में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी के इस दौरे से जहां इंडोनेशिया और भारत के बीच दोस्ती को नई मजबूती मिलेगी, वहीं रक्षा और कारोबार के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच कई समझौतो पर हस्ताक्षर भी होंगे। माना जा रहा है कि मोदी इन तीन देशों की यात्रा के जरिए भारत की एक्ट ईस्ट नीति को और परवान चढ़ाएंगे।

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मोदी पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचे जो लगातार भारत को यह संदेश दे रहा है कि बेहद करीबी रणनीतिक रिश्ते बनाने में अब ज्यादा देरी नहीं की जानी चाहिए। भारत की तरफ से यथोचित प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर जकार्ता ने कई बार नाराजगी भी जताई है।

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31 मई को जाएंगे सिंगापुर

31 मई को सिंगापुर जाते समय प्रधानमंत्री थोड़े समय के लिए मलेशिया में रूकेंगे जहां मलेशिया के नए नेतृत्व को बधाई देंगे। प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद से मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी एक जून को सिंगापुर के राष्ट्रपति हलीमा याकूब से मुलाकात करेंगे और सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी, जिसमें रक्षा और कौशल विकास जैसे समझौते होंगे।

पीएम दो जून को क्लीफोर्ड पियर में एक पट्टिका का अनावरण करेंगे जहां 27 मार्च 1948 को गांधीजी की अस्थितयों का विसर्जन किया गया था। मोदी सरकार ने भारत की एक्ट ईस्ट नीति को शुरू किया था जिसका उद्देश्य एशिया प्रशांत क्षेत्र में ध्यान केंद्रित करना है। माना जा रहा है कि पीएम के दौरे से भारत की एक्ट ईस्ट नीति को मजबूती मिलेगी।